छु के अपने होठो से पानी को गुलाबी कर गयी वो,
हम तो पहले से थे मछलियों को भी शराबी कर गयी वो…!!
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मंजिलो पर जाकर साथ छोडते तो कोई बात न थी,
गुमराह कर गया मुझे तेरा यूँ बीच राह में छोड जाना…!!
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लापरवाह सही तुम्हें याद तो करते है,
आदतें बुरी ज़रूर है दिल के बुरे नही है हम…!!
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काश तुम पुछो मुझसे क्या चाहियें,
मैं पकड़ूँ बस हाथ तेरा और कहूँ सिर्फ़ तेरा साथ चाहिए…!!
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हर किसी की जिंदगी का एक ही मकसद है,
खुद भले हों बेवफ़ा लेकिन तलाश वफ़ा की है…!!http://www.whatsappshayari.com

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