जिंदगी के सफ़र को लफ्जों में पिरोया है,
 अपनी हर ग़ज़ल को दर्द में भिगोया है,
 PLEASE आज वाह-वाह न कहना,
 क्यूंकि दिल आज फिर किसी की याद में रोया है...!!
 किसी की मजबूरियाँ पे न हँसिये,
 कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नहीं लाता...!!
 डरिये वक़्त की मार से,
 बुरा वक़्त किसीको बताकर नही आता...!!
 बदला लेने में क्या मजा है,
 मजा तो तब है जब तुम,
 सामने वाले को बदल डालो...!!
 इन्सान की चाहत है कि उड़ने को पर मिले,
 और परिंदे सोचते हैं कि रहने को घर मिले...!!

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