उसकी चाहत का मै और क्या सबूत दू…

उसने लगाई भी बिंदी, तो मेरी आँखों में देखकर…!!

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दिल मे एक शोर सा हो रहा है.

बिन आप के दिल बोर सा हो रहा है.

बहुत कम याद करते हो आप हमे.

ऐसा तो नही कि … ये दोस्ती का रिश्ता कमज़ोर सा हो रहा है…!!

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इंसानियत’ दिल में होती है,
‘हैसियत’ में नहीं..!
उपरवाला ‘कर्म’ देखता हैं,
‘वसियत’ को नहीं…!!

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मंजिले मुझे छोड़ गयी रास्तो ने पाल लिया है…
जा जिंदगी तेरी जरुरत नहीं मुझे मेरे बाबा महाकाल ने सम्हाल लिया है…!!


इश्क की पतंग उड़ाना छोड़ दी हम ने वरना
हसीनाएँ आज भी छत पर हमारा इंतजार करती है…!!http://www.whatsappshayari.com

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