सुनो ! तुम एक बार पुछ लो की कैसा हु,
घर में पङी सारी दवाइयाँ फेंक ना दू तो कहना…!!
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मत ढूंढ कमजोरियां मुझमें ए दोस्त,
तु भी तो शामिल है मेरी कमजोरियों में…!!
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“करीब आने की ख्वाहिशें तो बहुत थी,
मगर करीब आकर पता चला,
मोहब्ब्त फासलों में है”…!!
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जरा सी चोट से शीशे की तरह टूट गया,
दिल तो कमबख्त मेरा मुझसे भी बुजदिल निकला…!!
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जिनके मिलते ही ज़िन्दगी में ख़ुशी मिल जाती है,
वो लोग जाने क्यों ज़िन्दगी में कम मिला करते हैं…!!http://www.whatsappshayari.com

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