तेरे इश्क में डूब कर कतरे से दरिया हो जाऊँ,
मैं तुमसे शुरू होकर तुझमें ख़त्म हो जाऊँ…!!
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अच्छा है न बहुत बातों से अनजान हूँ मैं,
कभी-कभी सब कुछ जान लेना भी बहुत तकलीफ देता है…!!
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गुज़र रही है ये जिंदगी बड़े ही नाज़ुक दौर से,
मिलती नहीँ तसल्ली तेरे सिवा किसी और से…!!
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ज़िन्दगी जाने कब से गुनगुना रही है कुछ कानों में,
ज़िम्मेदारियों के शोर में, कुछ सुनाई नहीं देता…!!
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ख्याल-ए-यार में नींद का तसव्वुर कैसा,
आंख लगती ही नही, आंख लगी है जब से…!!http://www.whatsappshayari.com

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