हमने लिया सिर्फ होंठों से जो तेरा नाम,
दिल होंठो से उलझ पड़ा कि ये सिर्फ मेरा है…!!
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एक वो ही जाम जो हम रोज पिया करते है,
और अपने होंटो से बस  तेरा ही नाम लिया करते है…!!
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उस चाय के प्याले की भी क्या बात है,
जो रोज सुबह होते ही तेरे होँठो को चूम लेता है…!!
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रुकावटें तो जिंदा इंसानों के लिए हैं,
‘अर्थी’ के लिए तो सब रास्ता छोड़ देते हैं…!!
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नादांन है बहुत वो, ज़रा समझाइए उसे,
ख़त को फाड़ने से मोहब्बत कम नहीं होती…!!http://www.whatsappshayari.com

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