नाराज़ ना होना कभी यह सोचकर,
की काम मेरा और नाम किसी और का,
यहाँ सदियों से जलता तो “घी” और “बाती” है,
पर लोग कहते हैं कि ‘दीपक’ जल रहा है…!!
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पैसों को अपने जेब में ही स्थान देना चाहिये,
अपने ह्रदय में नही…!!
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मतलब पड़ा तो सारे अनुबन्ध हो गए,
नेवलों के भी साँपो से सम्बन्ध हो गए…!!
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कमज़ोर पड़ गया है मुझसे तेरा ताल्लुक,
या कही और सिलसिले मज़बूत हो गए है…!!
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सवाल जहर का नहीं था,
वो तो मैं पी गया…
तकलीफ लोगों को तब हुई,
जब मैं जी गया…!!http://www.whatsappshayari.com

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