आँख बंद कर के चलाना खंजर मुझ पे,
कही मैं मुस्कुराया तो पहले तुम मर जाओगे…!!
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वक़्त नूर को बेनूर बना देता है,
छोटे से जख्म को नासूर बना देता है,
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना,
पर वक़्त सबको मजबूर बना देता है…!!
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कड़ी धूप में चलता हूं इस यक़ीन से साहब,
मैं जलूंगा तो मेरे घर में उजाले होंगे…!!
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“मैं फना हों गया, बदली वो फिर भी नहीं,
मेरी महोब्बत से कहीं ज्यादा सच्ची उसकी नफरत निकली”…!!
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तुझ से नहीं तेरे वक़्त से नाराज हूँ,
जो कभी तुझे मेरे लिए नहीं मिला…!!http://www.whatsappshayari.com

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